कोरोना संदिग्धों को अस्पताल ले जाने वाले एम्बुलेंस को नहीं किया जाता है सेनिटाइज़ जच्चा बच्चा को लाने में उपयोग होता है एम्बुलेंस

0
106

जन अखबार: गया जिले के इमामगंज से कोरोना संदिग्ध की पहला मौत हुई है।कोरोना संदिग्ध कि मौत से स्थानीय लोगो में भय के साथ पूरे जिला में सनसनी बना हुआ है।एनएम को पीपी किट सैनिटाइजर जैसे सुरक्षा नहीं दिया जा रहा है।एनएम को कोरोना वायरस के संक्रमण होने का भय बना हुआ है। 102 एम्बुलेंस, जिससे संदिग्ध एवं प्रसूता को बिना एंबुलेंस सैनिटाइज किए इस्तेमाल में लाया जा रहा है। कोरोना संदिग्ध के लिए है स्पेशल एंबुलेंस की सुविधा,अस्पताल प्रशासन कि दावे झूठा साबित होते दिख रहा है। इमामगंज,सीएचसी के प्रशासन द्वारा वैश्विक महामारी काे लेकर भारी लापरवाही कर रही है।

काेराेना संदिग्ध काे लाने में प्रयुक्त एंबुलेंस से ही प्रसूताअाें काे भी ढाेया जा रहा है।वहीं एक ओर अस्पताल प्रशासन यह दावा कर रहा है कि कोरोना संदिग्धों को यातायात सुविधा पहुंचाने के लिए सभी पीएचसी में अलग से एंबुलेंस उपलब्ध मुहैया कराया गया है।लेकिन स्वास्थ्य विभाग का यह दावा झूठा साबित हो रहा है।

102 एंबुलेंस का इस्तेमाल में ला जा रहा है जिससे क्षेत्र से प्रसूता महिलाओं को यातायात की सुविधा दी जा रही है।लापरवाही यहीं खत्म नहीं होती,इन एंबुलेंस को सैनिटाइज भी नहीं किया जाता है। इतना ही नहीं एंबुलेंस में कार्यरत कर्मी को कोविड-19 संदिग्ध को लाने ले जाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here