पूर्व विधायक सह भाजपा नेता श्री किशोर कुमार मुन्ना ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कोसी यात्रा के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कारवाई की निंदा करते हुए,स्थानीय जिला प्रशासन को इसका पूर्णतः जिम्मेदार ठहराया है।श्री किशोर कुमार ने अपनी तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि सुपौल जिले में एक बड़े राजनेता के इशारे पर जान बूझकर एक ही जाति के अधिकारियों की पोस्टिंग की गई ताकि इस बर्बरतापूर्ण कारवाई की घटना को अंजाम दिया जा सके।

पुलिसिया कारवाई की दूसरी घटना तब घटी जब सुपौल से सहरसा जा रहे जदयू कार्यकर्ताओं की जमकर पिटाई की गई और गाड़ियों की तोड़फोड़ भी की गई,यहाँ तक कि उपद्रवियों ने राहगीरों,फल विक्रेता, सब्जी वाले,दुकानदारों को भी जमकर पीटा तथा उस वक़्त उपद्रवियों को डीएसपी विद्यासागर सहित पुलिस का साथ मिला हुआ था,इसलिए पुलिस मूकदर्शक बनी रही।श्री कुमार ने बताया कि सुपौल में प्रशासनिक विफलता का दौर काफी दिनों से जारी है, जिसकी वजह से वर्तमान राज्य सरकार की भारी बदनामी हो रही है और जिले की प्रशासनिक व्यवस्था राजद के शासन काल से भी ज़्यादा भ्रष्टतम हो चुकी है।

भाजपा नेता: किशोर कुमार मुन्ना

गौरतलब हो कि सहरसा में एम्स निर्माण की मांग को लेकर एनएसयूआई नेता अमित कन्हैया,आलोक राज एवं छात्र जाप नेता कुमार गौतम,बिट्टू, अमित आदि ने अपने साथियों के मुख्यमंत्री की सभा में काले झंडे लहराए थे।इस बाबत सहरसा पुलिस ने सभी छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था।हालांकि गिरफ्तारी के बाद इन छात्र नेताओं को भारी जनसमर्थन मिलने लगा,जिसकी वजह से पुलिस ने सभी को रिहा कर दिया।किशोर कुमार ने कहा कि बिहार की वर्तमान एनडीए सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है,इसलिए जल्द से जल्द इस घटना पर संज्ञान लेते हुए भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों पर कारवाई होनी चाहिए।

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