बिहार: मोतिहारी में रालोसपा के जिला ईकाई के द्वारा #दलित_महादलित_अतिपिछड़ा_अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया गया।इस सम्मेलन में,रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं  भारत सरकार के मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री माननीय श्री उपेन्द्र कुशवाहा जी ने कार्यक्रम का  उद्घाटन किया ,

संबोधित करते कहा कि आज के वर्त्तमान परिदृश्य में आरक्षण के अनिवार्यता को नकारा नहीं जा सकता, इस बात पर भी बल दिया कि पर्तिस्पर्धा में सभी वर्गों को समान अवसर मिलने चाहिए,लेकिन इसके लिए दलित,पिछड़ों को ऊपर उठाकर उच्च वर्ग के लाइन में खड़ा करना होगा। आरक्षण की जरूरत को समझाते हुए उन्होंने एक बहुत अच्छा उदाहरण देते हुए कहा कि,अगर किसी परिवार का कोई सदस्य बीमार पड़ जाता है,तब उसे स्वस्थ होने के लिए अतिरिक्त न्यूट्रिशन की आवश्यकता होती है और तब परिवार के अन्य सदस्य अपने आहार में कमी करके उस बीमार सदस्य के आहार की पूर्ति करते हैं। चाहे एक दो-सदस्य पूरी तरह स्वस्थ क्यों ना हों,जबतक  परिवार का हरेक सदस्य  स्वस्थ नहीं हो,तबतक परिवार खुशहाल नहीं हो सकता। ठीक उसी तरह, समाज का हरेक वर्ग खुशहाल होने पर ही पूरा समाज खुशहाल हो सकता है।

आज देश के उच्च न्यायालय,सर्वोच्च न्यायालय के जजों की नियुक्ति,5 सदस्यीय कमिटी के द्वारा होती है और कमिटी के सदस्य अपने रिश्तेदारों को ही जज के पद पर नियुक्त कर देते हैं।

श्री उपेन्द्र कुशवाहा

  कहा कि आज देश के उच्च न्यायालय,सर्वोच्च न्यायालय के जजों की नियुक्ति,5 सदस्यीय कमिटी के द्वारा होती है और कमिटी के सदस्य अपने रिश्तेदारों को ही जज के पद पर नियुक्त कर देते हैं।इस वजह से आज न्यायालयों में दलित,पिछड़ा वर्गों का प्रतिनिधित्व ना के बराबर है।उन्होंने कहा कि जबतक न्यायालय के उच्च पदों पर दलित,पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं होगा तबतक उनके अधिकार की बातें नहीं सुनी जाएंगी।

साथ ही शिक्षा के सुधार करने की बात कहीं । साथ में मौजूद थे रालोसपा के प्रदेश और राष्ट्रीय कमिटी के नेतागण पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणी कुशवाहा, दसई चौधरी, रामबिहारी सिंह , इंजीनियर रोशन राजा, और उपस्थित जिला कमिटी के युवा अध्यक्ष मधु सिंह, जिला अध्यक्ष संत सिंह कुशवाहा, सुभाष सिंह कुशवाहा, रमेश पासवान, प्रमोद कुमार सिंह, भगीरथ राम आदि कार्यकर्ता ने अपनी अहम भूमिका निभाई।

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