बिहार मैं मनाया गया चौरचन पर्व चोरचन अर्थात चौठ का चांद तिरहुत का लोकपर्व है। लोकपर्व यानी लोक का पर्व। न धर्म न जाति न वर्ण न लिंग सभी पूजन के अधिकारी। अमीर से गरीब तक सभी के लिए यह पर्व है।

बिहार के मिथिलांचल मैं यह पर्व काफी हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है इस पर्व का अपने मैं अलग पहचान है यह पर्व विशेष कर बिहार मैं मनाया जाता है|

इस पर्व को सुहागिन महिलायें करती है व्रती दिन भर निर्जला रख कर साम के समय पूरी पकवान बना के साथ फल और विशेष कर छाछ मैं दही को जमा कर डूबते सूर्य के सामने खड़ी हो के अपना पूजा अर्चना करती है और अपना मन्नत मांगती है

पूजा के दौरान परिवार के सदस्य व्रती को अग्र देने का काम करते है तथ्य पश्चात सभी सदस्य मिल बैठ प्रसाद ग्रहण करते है विशेस कर बच्चों मैं काफी उत्साह रहता है |

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